डिजिटल सूचना सुरक्षा स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम दिशा (DISHA)

दिनांक: June 20, 2018

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मरीजों का रिकॉर्ड और बीमारियों का डाटा डिजिटल तरीके से रखने और उसकी सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य प्राधिकरण बनाने का निर्णय किया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में डिजिटल रूप से स्वास्थ्य के नियमन, विकास के लिए और स्वास्थ्य संबंधी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के स्टोरेज और आदान-प्रदान के लिहाज से राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनडीएचए) की स्थापना का का विचार सबसे पहले व्यक्त किया गया। एनडीएचएई-स्वास्थ्य के मानदंडों का पालन करेगा। इसी संदर्भ में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने ‘स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में डिजिटल सूचना सुरक्षा अधिनियम’ (DISHA/दिशा) का मसौदा पिछले दिनों अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक किया है और इस संबंध में लोगों से सुझाव मांगे गये हैं।

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प्रमुख प्रावधान:-

इसका उल्लंघन करने पर पांच साल की जेल की सजा और 5 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
डिजिटल इंफॉर्मेशन इन हेल्थकेयर सिक्योरिटी एक्ट (DISHA/दिशा) में कहा गया है कि किसी भी तरह के हेल्थ डाटा उस व्यक्ति की निजी संपत्ति है।
इसमें फिजिकल, साइकोलॉजिकल और मेंटल हेल्थ कंडीशन, सेक्सुअल ओरिएंटेशन, मेडिकल रिकॉर्ड और हिस्ट्री व बायोमीट्रिक इंफॉर्मेशन शामिल है।
अधिनियम में एक हेल्थ इंफॉर्मेशन एक्सचेंज, एक स्टेट इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ अथॉरिटी और एक नेशनल इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ अथॉरिटी की परिकल्पना की गई है।
दस सदस्यीय नेशनल इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ अथॉरिटी ऑफ इंडिया को राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण मिशन के लिए लंबे समय तक तैयार किया गया है।
यह एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसमें 10.74 करोड़ परिवारों को सालाना पांच लाख रुपए तक के वार्षिक चिकित्सा खर्च को शामिल किया गया है।
डाटा के मालिकों को अपने डिजिटल स्वास्थ्य डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा का अधिकार है। इस तरह के डाटा के उत्पादन और संग्रह के लिए सहमति देने या मना करने का अधिकार भी उसे ही है।